"तमसो मा ज्योतिर्गमय"

BREAKING NEWS
होर्मुज बना ‘बारूद का दरवाजा’: क्या ईरान की धमकी के बीच यहां से गुजरने की हिम्मत कर पाएंगे अमेरिकी जहाज?स्कूलों में फोन के इस्तेमाल पर दुनिया के ये देश लगा चुके हैं बैन, UNESCO ने जारी किए आंकड़ेबहरीन और दुबई के होटलों में करेंगे धमाके, ईरान ने अमेरिकी फौज को दे डाली धमकीशेयर बाजार के साथ रुपया भी नीचे आया, डॉलर के मुकाबले 94 का लेवल भी पाररिफॉर्म्‍स से कैसे कम होगी महंगाई, NDTV GST कॉन्क्लेव में पीयूष गोयल ने बता दिया पूरा गणितचेहरे पर विजयी जोश, देखिए मोदी ने कैसे डाला उपराष्ट्रपति चुनाव में पहला वोटMP गजब है! भर्ती कर भूली सरकार, कॉन्स्टेबल 12 साल घर बैठे पाता रहा पगारघर में क्या रखने से सांप नहीं आता है? सांप के ऊपर यह डालने से वह तुरंत भाग जाता हैबला की खूबसूरत होती हैं पाकिस्तान के इस गांव की महिलाएं, जानें बुढ़ापे का क्यों नहीं दिखता असरफिर से बुखार? जानिए वो 7 कारण जो बार-बार बुखार आने के पीछे हो सकते हैं जिम्मेदारसुबह इस समय से लेकर इतने बजे तक बैठें सूरज की किरण में, आयुर्वेद ने बताए इसके हैरान करने वाले फायदेदवाई की जरूरत क्या, बस दांतों में लगा लें घर में रखी ये चीजें, दर्द की शिकायत हो जाएगी दूरचीन ने निकाली अमेरिका की काट, डेटा सेंटर्स का बनाएगा एक नेटवर्क, क्या पूरा होगा AI प्लस प्लान?93 प्रतिशत CEO ने कहा- वैश्विक स्तर पर भारत के ग्रोथ में सरकार का दमदार रोललुक में पापा की कॉपी है रामायण के राम का बेटा, पर्सनालिटी में हृतिक -रणबीर को देता है टक्कर, इस फिल्ड में करता है काम
BREAKING
होर्मुज बना ‘बारूद का दरवाजा’: क्या ईरान की धमकी के बीच यहां से गुजरने की हिम्मत कर पाएंगे अमेरिकी जहाज?स्कूलों में फोन के इस्तेमाल पर दुनिया के ये देश लगा चुके हैं बैन, UNESCO ने जारी किए आंकड़ेबहरीन और दुबई के होटलों में करेंगे धमाके, ईरान ने अमेरिकी फौज को दे डाली धमकीशेयर बाजार के साथ रुपया भी नीचे आया, डॉलर के मुकाबले 94 का लेवल भी पाररिफॉर्म्‍स से कैसे कम होगी महंगाई, NDTV GST कॉन्क्लेव में पीयूष गोयल ने बता दिया पूरा गणितचेहरे पर विजयी जोश, देखिए मोदी ने कैसे डाला उपराष्ट्रपति चुनाव में पहला वोटMP गजब है! भर्ती कर भूली सरकार, कॉन्स्टेबल 12 साल घर बैठे पाता रहा पगारघर में क्या रखने से सांप नहीं आता है? सांप के ऊपर यह डालने से वह तुरंत भाग जाता हैबला की खूबसूरत होती हैं पाकिस्तान के इस गांव की महिलाएं, जानें बुढ़ापे का क्यों नहीं दिखता असरफिर से बुखार? जानिए वो 7 कारण जो बार-बार बुखार आने के पीछे हो सकते हैं जिम्मेदारसुबह इस समय से लेकर इतने बजे तक बैठें सूरज की किरण में, आयुर्वेद ने बताए इसके हैरान करने वाले फायदेदवाई की जरूरत क्या, बस दांतों में लगा लें घर में रखी ये चीजें, दर्द की शिकायत हो जाएगी दूर

सभी मेन्यू देखें

Select City

लेटेस्ट अपडेट्स

होर्मुज बना ‘बारूद का दरवाजा’: क्या ईरान की धमकी के बीच यहां से गुजरने की हिम्मत कर पाएंगे अमेरिकी जहाज?
2 months ago
स्कूलों में फोन के इस्तेमाल पर दुनिया के ये देश लगा चुके हैं बैन, UNESCO ने जारी किए आंकड़े
2 months ago
बहरीन और दुबई के होटलों में करेंगे धमाके, ईरान ने अमेरिकी फौज को दे डाली धमकी
2 months ago
शेयर बाजार के साथ रुपया भी नीचे आया, डॉलर के मुकाबले 94 का लेवल भी पार
2 months ago
रिफॉर्म्‍स से कैसे कम होगी महंगाई, NDTV GST कॉन्क्लेव में पीयूष गोयल ने बता दिया पूरा गणित
2 months ago

मजदूरों की कमी से नहीं थमेगी खेती की रफ्तार: खरपतवार हटाने लगे एआई रोबोट, इस देश में हुआ ट्रायल

तेज धूप और दोपहर की झुलसा देने वाली गर्मी के बावजूद, सौर ऊर्जा से चलने वाला और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)...

तेज धूप और दोपहर की झुलसा देने वाली गर्मी के बावजूद, सौर ऊर्जा से चलने वाला और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस एक रोबोट कैलिफोर्निया की कपास की खेती में खरपतवार को सावधानी से निकाल रहा है। अब मजदूरों की कमी से खेती की रफ्तार नहीं थमने वाली है।

अमेरिका के कई हिस्सों में खेतों में मजदूरों की भारी कमी और खरपतवारनाशकों के प्रति बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता के चलते, Aigen नाम की स्टार्टअप कंपनी ने “Element” नामक एक रोबोट तैयार किया है। कंपनी का दावा है कि यह तकनीक किसानों के पैसे बचाएगी, पर्यावरण की रक्षा करेगी और खाने को हानिकारक रसायनों से मुक्त रखेगी।

Aigen के सह-संस्थापक और मुख्य तकनीकी अधिकारी रिचर्ड वुर्डन ने AFP को बताया, “मुझे सच में लगता है कि मानव स्वास्थ्य सुधारने के लिए यह सबसे बड़ा कदम है। हर कोई ऐसा खाना खा रहा है, जिस पर रसायन छिड़के गए हैं।”

टेस्ला में पांच साल काम कर चुके मैकेनिकल इंजीनियर वुर्डन ने बताया कि उन्होंने यह रोबोट तब बनाना शुरू किया जब मिनेसोटा में रहने वाले उनके रिश्तेदारों ने बताया कि खरपतवार हटाना एक महंगा सिरदर्द बन चुका है। खरपतवार अब रसायनों के प्रति प्रतिरोधी हो चुकी हैं और श्रमिकों की कमी के कारण किसान मजबूरी में इन्हीं रसायनों का सहारा लेते हैं।

Aigen के सह-संस्थापक और CEO केनी ली ने कहा, “किसी भी किसान ने कभी नहीं कहा कि वो रसायनों से प्यार करता है। वो बस एक टूल की तरह इनका इस्तेमाल करते हैं — और हम इसका एक विकल्प बना रहे हैं।”

Hind Kesari

Author at द हिन्द केसरी

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top